Vrindavan Raj Pahimam
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Product Details
Product Details
- Metal – Brass
- Capsule – Glass
- Length – 19 inches
- Weight – Approx 10g
- Chain has an extra coating of brass liquid and is covered with lacquer for long-lasting shine.
Composition
Composition
Vrindavan Raj (Bake Bihari Ji, Radhavallabh Ji, Radha Raman Ji, Nidhi Van, Sewa Kunj etc.), Barsana Raj, Govardhan Raj, Nand Gao Raj, Janam Bhumi Raj and more.
It also has charan of : Pujya Shri Lal Baba Ji, Pujya Shri Premanand Maharaj Ji, Pujya Shri Vinod Baba Ji, Pujya Shri Ramesh Baba Ji
Description
Description
वृंदावन की रज का आध्यात्मिक महत्व सर्वोच्च है, जिसे श्री कृष्ण और राधा रानी के चरणों का स्पर्श प्राप्त है। यह केवल रज नहीं, बल्कि दिव्य प्रेम का सार, पापों से मुक्ति, और परम सुख का आश्रय मानी जाती है, जिसे मस्तक पर लगाने से भक्ति और शांति मिलती है।
वृंदावन रज की महिमा के मुख्य बिंदु :
- दिव्य रज : यह रज साधारण मिट्टी नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण के चरणों और उनकी लीलाओं से पवित्र हो चुकी है।
- परमपद की प्राप्ति : मान्यता है कि यदि शरीर छूटते समय वृंदावन की रज का एक कण भी शरीर को स्पर्श कर ले, तो उसे प्रिय-प्रीतम का दुर्लभ सानिध्य और मोक्ष प्राप्त होता है।
- प्रेम का वास : वृंदावन में ऐश्वर्य से ज्यादा प्रेम को महत्व दिया जाता है, और यहाँ की रज में राधा-कृष्ण का नित्य वास माना जाता है।
- निष्कपट भक्ति : भक्त इस रज में लोटपोट होकर, इसे माथे पर लगाकर खुद को धन्य मानते हैं।
- पाप नाशिनी : यह पवित्र भूमि और इसकी रज हर तरह के पापों को नष्ट करने में सक्षम मानी गई है। क्या आप वृंदावन की रज से जुड़ी किसी विशिष्ट कथा या मान्यता के बारे में जानना चाहते हैं?
Objective
Objective
यह युवा पीढ़ी को संयम, शाकाहार, और पवित्र आचरण (नशा मुक्त जीवन) अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। यह संसार में रहते हुए, गृहस्थ धर्म का पालन करते हुए भी प्रभु में मन लगाने की शिक्षा देते हैं।
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